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गुरुवार, 28 जुलाई 2011

सत्ताओं से लड़ना सब के बूते की बात नहीं 
सबकी  किस्मत  में  लेकिन  'दिल्ली की सी' रात नहीं 
बाबा, अन्ना, अरविन्द, किरण या लड़ता हो और कोई
चोर - डकैतों  को  'गद्दी' अब  और  नहीं,  और  नहीं .....  

2 टिप्‍पणियां:

  1. .


    प्रिय बंधुवर रमेश जी
    सादर वंदेमातरम्!

    चोर - डकैतों को 'गद्दी' अब और नहीं, और नहीं .....
    हमें अगले तीन वर्ष तक इस बात को याद रखना होगा …

    आपकी रचनाएं बहुत अच्छी लगीं … साधुवाद !

    हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !

    -राजेन्द्र स्वर्णकार

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